महा यक्षिणी साधना

इस प्रयोग को रविवार से शुरु करना चाहिए और अनुष्टान करने से तीन दिन पूर्व उपवास रखना चाहिए और चन्द्रग्रहण अथवा सूर्य ग्रहण के आरम्भ से लेकर अन्त तक अर्थात जब तक ग्रहण लगा रहे इस मंत्र का जाप करने से महायाक्षिणी वश मेँ हो जाती है। मंत्र-ॐ ह्रीं महायक्षिणी भामिनी प्रिये स्वाहा॥

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